Take a Dip in Brahma Sarovar (Kurukshetra)

16 October 2018, by GYANENDRA

ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा

प्रसिद्ध ब्रह्म-सरोवर, हिन्दू धर्म का पवित्र पौराणिक कुंड / तालाब हैं, जो कि थानेसर, कुरुक्षेत्र जिला, हरियाणा में अवस्थित हैं , जिसका उल्लेख हिन्दू धर्म शास्त्र वामन पुराण और हिन्दू महाकाव्य महाभारत में मिलता हैं ।

यह तीर्थस्थल “श्रीमद भगवत गीता ग्रन्थ कि जन्मभूमि” और “महाभारत युद्ध कि रंग भूमि” कही जाने वाली कुरुक्षेत्र में अवस्थित हैं ।

ब्रह्मसरोवर की एेतिहासिक पृष्ठभूमि

हिन्दू धर्म के अनुसार विश्व निर्माता ब्रह्मा जी ने स्वयं इस कुंड का निर्माण किया था और यहीं से मानव सभ्यता की शुरुआत हुई। इसी वजह से इसका नाम ब्रह्म सरोवर हैं और इसमें ब्रह्मा भगवान शिव कि पूजा-अर्चना किया करते थे । महाभारत के अंतिम युद्ध के समय घायल दुर्योधन को इसी सरोवर में छिप के शरण लेना पड़ा था ।

ऐतिहासिक रूप महाभारत के युद्ध में इसे नुकसान हुआ और कालांतर में मुग़लो द्वारा इसे नष्ट करने के बाद 18वीं सदी में श्री हरी गिरी गोसाई जी द्वारा फिर से इसका पुनःनिर्माण कराया गया ।

सरोवर का वर्तमान रुप

Brahama Sarovar at Present

यह सरोवर कुरुक्षेत्र की पहचान हैं जो कि आयताकार आकृति में फैली है और कुल छेत्रफल लगभग 2 वर्ग किलोमीटर में फैला हैं जिसके बीचो – बीच में एक रास्तानूमा पूल बना है जो सरोवर को दो बराबर भाग में विभाजित करता हैं, साथ ही सरोवर के मध्य में शिव मंदिर और पार्क/उपवन भी हैं । देखा जाये तो मानव द्वारा बनाया गया कृत्रिम रूप से यह सबसे बड़ा सरोवर हैं, जिसे यूट्यूब पर ड्रोन द्वारा बनाई गई विडियो के द्वारा देखा जा सकता हैं ।

हिन्दु धर्म में ब्रह्मसरोवर का महत्व

ऐसा माना जाता हैं कि ब्रह्मसरोवर में स्नान करने मात्र से सभी तीर्थ दर्शन का लाभ मिल जाता हैं लेकिन सूर्य ग्रहण के समय इस पवित्र सरोवर में डुबकी लगाने के लिए यहाँ श्रध्दालुयों कि भीड़ लाखों हो जाती हैं ।

प्रत्येक वर्ष यहाँ “गीता जयंती महोत्सव” नवम्बर – दिसम्बर माह में व्यापक रूप से मनाया जाता हैं जो कि 7 दिन लगातार चलता हैं जिसमें श्रीमदभगवत गीता कि जन्मदिन, दान दीप , धार्मिक कार्यक्रम , पर्वचन इत्यादी शामिल हैं, श्रध्दालुयों को घुमने के उदेश्य से यह सबसे उचित समय हैं, देश के अलग – अलग कोने से लोग इसी समय सर्वाधिक आते हैं । जनवरी के समय प्रवासी पक्षियों का भी आगमन देखना बड़ा दिलचस्प हो जाता हैं ।

सामान्य जन-सुविधाए

ब्रह्मसरोवर सभी के लिए मुफ़्त में, बिना किसी रोक टोक के हमेशा खुला रहता हैं , ठंडी – ठंडी हवा हमेशा बहती रहती हैं जो कि बड़ा शांति और आनंद दायक हैं । साफ़ – सफ़ाई का विशेष ध्यान रखा गया हैं, और सरोवर सी.सी.टी.वी. कैमरा कि निगरानी के साथ राज्य पुलिस कि देख – रेख में रहता हैं । प्रत्येक पर्यटक और तीर्थयात्री डुबकी लगाने के अलावा सूर्य – उदय और अस्त कि सुन्दर लालिमा देखना नहीं भूलते जो कि अपने आप में काफी सुखद, आकर्षक, ऊर्जावान और सकूनभरा हैं , आस – पास ठहरने के लिए काफी धर्मशाला हैं जो के बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध हैं । नहाने के लिए लड़कियों और स्त्रियों के लिए अलग घाट कि सुविधा के साथ कपड़े रखने के लिए व महिला – पुरुष प्रसाधन कि भी सुविधा हैं ।

कैसे पहुंचे

देश कि राजधानी दिल्ली से लगभग 150 किलोमीटर कि दुरी पर कुरुक्षेत्र हैं जिसे ट्रेन, बस या निजी वाहन से बड़े आसानी 2 से 3 घंटे में पहुचकर, ब्रह्मसरोवर एक दिन में ही देखा और घुमा जा सकता हैं काफी कम कीमत पर (लगभग 150 से 250 रुपये प्रति व्यक्ति) ।

ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र जंक्शन से मात्र 3 किलोमीटर और मुख्य बस अड्डा से 5 किलोमीटर दूरी पर अवस्थित हैं जहा से शेयर्ड ऑटो हमेशा मिलती रहती हैं ।

अगले पोस्ट में (कुरुक्षेत्र से ही)
ज्योतिसर
शेख़ चिल्ली मकबरा

कुरुक्षेत्र पनोरमा और विज्ञान केंद्र
कल्पना चावला तारामंडल
श्री कृष्णा म्यूजियम
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय

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